Bangladesh Cricket Dispute: बांग्लादेश क्रिकेट में इन दिनों जमकर बवाल मच रहा है. भारत के साथ शुरू हुआ विवाद अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि खिलाड़ियों और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच तनातनी का माहौल बन गया है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के निदेशक नजमुल इस्लाम के विवादित बयान को लेकर खिलाड़ियों के अंदर काफी गुस्सा देखा जा रहा है. खिलाड़ियों की तरफ से साफ अल्टीमेटम दे दिया गया है कि अगर वो अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो खिलाड़ी बांग्लादेश प्रीमियर लीग के मैचों का बहिष्कार करेंगे. आइए आपको भी बताते हैं कि नजमुल इस्लाम ने क्या बयान दिया है.
Late Night Update 🚨
— Shadman Sakib Arnob (@arnuX05) January 14, 2026
BCB officials have spoken with M Nazmul Islam — effectively a meeting took place. Nazmul has made it clear he does not want to resign.
However, it is most likely he will no longer continue as BCB’s financial advisor. The board is working on a solution, and… pic.twitter.com/DfF77H3Kgl
‘बोर्ड नहीं खिलाड़ियों को होगा नुकसान’
टी20 विश्व कप में खेलने को लेकर चल रहे विवाद के बीच BCB के डायरेक्टर नजमुल इस्लाम ने बयान दिया कि, “अगर विश्व कप में हम हिस्सा नहीं लेते हैं तो इसका सीधा नुकसान खिलाड़ियों को होगा. बोर्ड को इससे कोई नुकसान नहीं होना है. खिलाड़ियों को इसलिए नुकसान होगा क्योंकि वो मैच खेलते हैं तब ही उनको मैच फीस मिल पाती है. इसी के साथ अगर कोई खिलाड़ी खास प्रदर्शन करते हुए प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीतता है तो उसमें मिलने वाला अमाउंट उसी का होता है. मतलब साफ है कि बोर्ड को इससे कोई नुकसान या फायदा नहीं होने वाला है.”
खिलाड़ियों ने की नजमुल इस्लाम के इस्तीफे की मांग
नजमुल इस्लाम के विवादित बयानों से बांग्लादेशी क्रिकेटर काफी निराश नजर आ रहे हैं. उन्होंने साफ तौर पर इससे आहत होते हुए बोर्ड से उनके इस्तीफे की मांग कर दी है. खिलाड़ियों ने ये भी साफ कर दिया है कि अगर उनका इस्तीफा नहीं आता है तो वो BPL के आगामी मैच नहीं खेलेंगे.
BCB को पेश करनी पड़ी सफाई
नजमुल इस्लाम के इस बयान से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सीधे तौर पर दूरी बना ली है. बोर्ड की तरफ से सफाई पेश करते हुए साफ कर दिया गया है कि BCB का उनके इस बयान से कोई लेना-देना नहीं है. इसके साथ बोर्ड इस तरह के किसी बयान का समर्थन नहीं करता है. इस तरह के बयान हमारे सिद्धांतों के सख्त खिलाफ है. बोर्ड अपने खिलाड़ियों का पूरा सम्मान करता है.

