Rahul Dravid Statement: टीम इंडिया का प्रदर्शन टेस्ट क्रिकेट में लगातार खराब होता ही नजर आ रहा है. गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद से टीम इंडिया के अपनी ही सरजमीं पर कई शर्मनाक सीरीज हार का सामना करना पड़ा है. साल 2024 में पहले रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम को न्यूजीलैंड के हाथों 3-0 से सीरीज में हार का मुंह देखना पड़ा तो वहीं साल 2025 में साउथ अफ्रीका ने भी 2-0 से रौंद दिया. इससे पहले भारतीय टीम का किला 12 सालों से अभेद रहा था. टीम ने साल 2012 से लेकर साल 2024 तक कोई भी टेस्ट सीरीज अपने घर में नहीं हारी थी. इसी को लेकर अब टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़ ने कड़वा सच बताया है.
घर में टेस्ट क्यों हार रही टीम इंडिया?
टीम इंडिया को साल 2024 में टी20 विश्व कप का खिताब जिताने वाले हेड कोच राहुल द्रविड़ ने टीम इंडिया की घरेलू टेस्ट हार को लेकर कहा, “मुझे जो बात समझ आई है वो ये है कि खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में खेल रहे हैं. ऐसे में टेस्ट की तैयारी करने को लेकर उनके पास केवल 3 से 4 दिनों का समय ही रहता है. ये हर किसी के लिए भी एक चुनौती है. टेस्ट मैचों की पिचों पर स्पिन या सीम गेंदबाजों को खेलना आसान नहीं होता और इसके लिए काबिलियत चाहिए होती है.”
Rahul Dravid on Test cricket:🚨🗣️
— Shanu (@Shanu_3010) January 28, 2026
“In my generation, when there were only 2 formats in the game, and there wasn't really the idea of franchise cricket, there were a lot of times where I would have a whole month of practicing for a Test series and I would be able to play with the… pic.twitter.com/sV6Z2z0MRP
शुभमन गिल के सपोर्ट में आए द्रविड़
टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने भी हाल ही में टेस्ट सीरीज से पहले तैयारियों के लिए ज्यादा समय की बात कही थी. उन्होंने बीसीसीआई से मांग की थी कि खिलाड़ियों को ज्यादा समय के लिए कैंप दिया जाए. राहुल द्रविड़ ने भी उनकी इस बात का समर्थन किया है. उन्होंने कहा, “पहले 2 फॉर्मेट ही हुआ करते थे और फ्रेंचाइजी क्रिकेट नहीं खेला जाता था. टेस्ट सीरीज की तैयारियों के लिए एक महीने से भी ज्यादा का समय मिल जाता था. लाल गेंद से खेलना मुश्किल होता जा रहा है क्योंकि खिलाड़ियों के पास प्रैक्टिस करने का वक्त तक नहीं होता है.”

